Magh Purnima 2026 Puja Vidhi: माघ पूर्णिमा पर घर बैठे करें भगवान सत्यनारायण की पूजा, जानें सम्पूर्ण विधि और शुभ मुहूर्त

Magh Purnima 2026: जानें माघी पूर्णिमा पर सत्यनारायण पूजा की संपूर्ण विधि, शुभ मुहूर्त और सामग्री की पूरी लिस्ट। घर की सुख-शांति के लिए इस विधि से करें आराधना।
Magh Purnima 2026 Satyanarayan Puja items and setup at home

माघ पूर्णिमा 2026: धार्मिक महत्व और सत्यनारायण पूजा का संयोग

हिंदू धर्म में माघ महीने की पूर्णिमा तिथि को अत्यंत पवित्र और फलदायी माना गया है। माघ पूर्णिमा न केवल स्नान-दान के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि इस दिन भगवान विष्णु के सत्यनारायण स्वरूप की पूजा करना विशेष रूप से फलकारी होता है। साल 2026 में माघ पूर्णिमा का पर्व 1 फरवरी को मनाया जाएगा। मान्यता है कि इस दिन जो भक्त श्रद्धापूर्वक भगवान सत्यनारायण की कथा सुनते हैं और उपवास रखते हैं, उनके जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।

धार्मिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो माघ मास में देवता पृथ्वी पर वास करते हैं। इस समय गंगा या किसी भी पवित्र नदी में स्नान करने से अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति मिलती है। वर्तमान में जैसे 3 जनवरी को पौष पूर्णिमा 2026 थी ,उसी प्रकार माघ पूर्णिमा का पर्व 1 फरवरी को मनाया जाएगा।

माघ पूर्णिमा 2026 शुभ मुहूर्त (Magh Purnima 2026 Shubh Muhurat)

पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि का आरंभ और समापन समय जानना अत्यंत आवश्यक है ताकि पूजा सटीक समय पर की जा सके। विश्वसनीय सूत्रों जैसे Times of India के अनुसार, 2026 में पूर्णिमा तिथि 01 फरवरी 05:52 ए एम बजे  उदयातिथि के अनुसार व्रत और पूजा 1 फरवरी को ही की जाएगी।

  • पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 01 फरवरी 2026, सुबह 05:52 बजे से
  • पूर्णिमा तिथि समाप्त: 2 फरवरी 2026, को 03:38 ए एम बजे
  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:13 बजे से 12:58 बजे तक

इस शुभ मुहूर्त में पूजा करना अनंत फलदायी माना जाता है।  वहीं अपनी परंपराओं से जुड़े रहना हमें मानसिक शांति प्रदान करता है।

भगवान सत्यनारायण पूजा सेटअप माघी पूर्णिमा 2026

घर पर सत्यनारायण पूजा के लिए आवश्यक सामग्री

भगवान सत्यनारायण की पूजा के लिए सामग्री की शुद्धता और उपलब्धता बहुत मायने रखती है। नीचे दी गई सूची के अनुसार आप पूजा की तैयारी कर सकते हैं:

  • भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा या फोटो।
  • केले के पत्ते (वेदी सजाने के लिए)।
  • एक लकड़ी की चौकी और पीला कपड़ा।
  • कलश, नारियल, और कलावा।
  • पंचामृत (दूध, दही, शहद, चीनी, और घी का मिश्रण)।
  • तुलसी के पत्ते (भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय)।
  • पूजा का प्रसाद (गेहूं के आटे को भूनकर बनाया गया पंजीरी और फल)।
  • धूप, दीप, अगरबत्ती, और कपूर।
  • फूल और माला (पीले फूलों को प्राथमिकता दें)।

सत्यनारायण पूजा की स्टेप-बाय-स्टेप विधि (Magh Purnima Puja Vidhi)

पूजा शुरू करने से पहले स्वयं को और वातावरण को शुद्ध करना अनिवार्य है। इसके लिए आप नीचे दिए गए चरणों का पालन कर सकते हैं:

1. संकल्प और शुद्धि:

सुबह जल्दी उठकर पवित्र नदी या घर पर ही गंगाजल मिले पानी से स्नान करें। स्वच्छ पीले वस्त्र धारण करें। हाथ में जल लेकर व्रत और पूजा का संकल्प लें।

2. वेदी का निर्माण:

चौकी पर पीला कपड़ा बिछाएं और भगवान विष्णु व लक्ष्मी जी की मूर्ति स्थापित करें। चारों तरफ केले के पत्ते लगाएं। एक कलश स्थापित करें जिसे जल, अक्षत और आम के पत्तों से सजाया गया हो।

3. गणेश पूजा:

किसी भी शुभ कार्य से पहले भगवान गणेश का आह्वान किया जाता है। उन्हें फल, फूल और मोदक अर्पित करें और विघ्नहर्ता से पूजा की सफलता की प्रार्थना करें।

4. मुख्य पूजा और कथा:

अब भगवान सत्यनारायण की पूजा करें। उन्हें पंचामृत से स्नान कराएं। चंदन, हल्दी और कुमकुम का तिलक लगाएं। इसके बाद सत्यनारायण व्रत कथा के पाँचों अध्यायों का पाठ करें या सुनें। यह कथा सत्य बोलने और भक्ति के महत्व को दर्शाती है।

5. आरती और प्रसाद वितरण:

कथा समाप्त होने के बाद ‘ओम जय जगदीश हरे’ आरती गाएं। अंत में कपूर से आरती करें और सभी उपस्थित लोगों को प्रसाद बांटें। ध्यान रहे कि प्रसाद में तुलसी पत्र अवश्य हो।

माघ पूर्णिमा पर दान का महत्व

शास्त्रों में माघ पूर्णिमा के दिन दान को महादान माना गया है। India.gov.in जैसी आधिकारिक वेबसाइटों पर भी अक्सर भारत की सांस्कृतिक विरासत और इन त्यौहारों के महत्व का उल्लेख मिलता है। इस दिन तिल, गुड़, कंबल, घी और अन्न का दान करना चाहिए। विशेष रूप से निर्धन लोगों को भोजन कराने से कुंडली के दोष भी शांत होते हैं।

भले ही आज की पीढ़ी करियर के लिए AI Jobs for Non-Coders 2026 की ओर बढ़ रही है, लेकिन दान और सेवा जैसे मानवीय मूल्य आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं।

सावधानियाँ: पूजा के दौरान क्या न करें?

  • पूजा के दिन घर में लहसुन और प्याज का प्रयोग बिल्कुल न करें।
  • किसी का अपमान न करें और क्रोध से बचें।
  • पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करें।
  • मांसाहार और मदिरा से पूरी तरह दूर रहें।

धर्म और ज्योतिष की अधिक जानकारी के लिए आप NDTV Khabar के धर्म अनुभाग को पढ़ सकते हैं।

Check Out- 2026 Purnima  Calendar, 13 पूर्णिमा तिथियाँ ||

Magh Purnima 2026 FAQ: आपके सवालों के जवाब

1. माघ पूर्णिमा 2026 में कब है?

माघ पूर्णिमा 2026 में 1 फरवरी को मनाई जाएगी।

2. क्या बिना पंडित के घर पर सत्यनारायण पूजा हो सकती है?

हाँ, यदि आप पूरी श्रद्धा और शुद्धता के साथ ऊपर दी गई विधि का पालन करते हैं और स्वयं कथा का पाठ करते हैं, तो यह पूजा पूर्ण मानी जाती है।

3. सत्यनारायण पूजा में सवाया प्रसाद क्यों चढ़ाया जाता है?

हिंदू धर्म में ‘सवाया’ (जैसे सवा किलो, सवा पाव) को बरकत और शुभता का प्रतीक माना जाता है, इसलिए भगवान को प्रसाद इसी मात्रा में अर्पित किया जाता है।

4. क्या मासिक धर्म के दौरान यह पूजा की जा सकती है?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मासिक धर्म के दौरान पूजा वर्जित है, लेकिन आप दूर बैठकर कथा सुन सकते हैं।

5. माघ पूर्णिमा पर कौन सी चीजों का दान करना सर्वश्रेष्ठ है?

इस दिन तिल, ऊनी वस्त्र, अनाज और स्वर्ण दान का विशेष महत्व है।

निष्कर्ष के तौर पर, माघ पूर्णिमा 2026 का यह अवसर आपके जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता लेकर आ सकता है। सत्यनारायण भगवान की पूजा न केवल धार्मिक अनुष्ठान है बल्कि यह हमें सत्य की राह पर चलने की प्रेरणा देती है।

 

Share:

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Social Media

Most Popular

Get The Latest Updates

Subscribe To Our Weekly Newsletter

No spam, notifications only about new products, updates.

Categories

On Key

Related Posts

Scroll to Top