वृश्चिक संक्रांति 2025
रविवार 16 नवंबर 2025
यह पावन पर्व दिनांक 16 November 2025 (रविवार) को मनाया जाएगा। हिन्दू पंचांग (विक्रम संवत 2082) के अनुसार, इस दिन मार्गशीर्ष मास के कृष्ण की द्वादशी है।
पर्व का महत्व (About Festival)
इस पावन पर्व का हिन्दू धर्म में अत्यधिक महत्व है। यह दिन व्रत, पूजा और तपस्या के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन सच्चे मन से आराधना करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
पूजा विधि (Pooja Vidhi)
1. प्रातः काल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें।
2. पूजा स्थल को शुद्ध कर इष्ट देवता का ध्यान करें।
3. धूप, दीप, पुष्प और नैवेद्य अर्पित करें।
4. व्रत कथा का पाठ करें और आरती उतारें।