तुला संक्रांति 2023
18 बुधवार अक्टूबर 2023
पर्व का महत्व (About Festival)
तुला संक्रांति वह समय है जब सूर्य देव कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में प्रवेश करते हैं। इसे कुछ क्षेत्रों में फसल उत्सव के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन दान-पुण्य करने और पवित्र नदियों में स्नान करने से असीम पुण्य की प्राप्ति होती है।
पूजा विधि (Pooja Vidhi)
1. सूर्योदय से पूर्व किसी पवित्र नदी या घर पर ही गंगाजल मिश्रित जल से स्नान करें।
2. सूर्य देव को तांबे के लोटे से अर्घ्य (जल) अर्पित करें।
3. ब्राह्मणों या गरीबों को नए अन्न, वस्त्र या तिल का दान करें।
4. घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित कर भगवान सूर्य और विष्णु जी की उपासना करें।