संकष्टी चतुर्थी 2024

22 गुरुवार अगस्त 2024

पर्व का महत्व (About Festival)

चतुर्थी तिथि विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश को समर्पित है। इस दिन प्रथम पूज्य गजानन की पूजा करने से जीवन के सभी विघ्न और बाधाएं दूर होती हैं। यह व्रत सुख, शांति, समृद्धि और कार्यों में सफलता की प्राप्ति के लिए बहुत फलदायी है।

संकष्टी चतुर्थी

पूजा विधि (Pooja Vidhi)

1. सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।
2. व्रत का संकल्प लें। भगवान गणेश की प्रतिमा को पंचामृत से स्नान कराएं।
3. गजानन को उनकी प्रिय दूर्वा (घास), सिंदूर, लाल फूल और मोदक/लड्डू का भोग लगाएं।
4. संकष्टी चतुर्थी पर रात्रि में चन्द्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही व्रत खोलें।