प्रदोष व्रत (शुक्ल) 2025
रविवार 8 जून 2025
यह पावन पर्व दिनांक 08 June 2025 (रविवार) को मनाया जाएगा। हिन्दू पंचांग (विक्रम संवत 2082) के अनुसार, इस दिन ज्येष्ठ मास के शुक्ल की द्वादशी है।
पर्व का महत्व (About Festival)
यह पावन व्रत देवों के देव महादेव भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा प्राप्त करने के लिए किया जाता है। प्रदोष काल और शिवरात्रि की रात्रि भगवान शिव की पूजा के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। सच्चे मन से की गई शिव आराधना से जीवन के सभी कष्ट मिट जाते हैं।
पूजा विधि (Pooja Vidhi)
1. प्रातः स्नान कर शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद और शक्कर (पंचामृत) से अभिषेक करें।
2. भोलेनाथ को बेलपत्र, भांग, धतूरा, सफेद फूल और चंदन अर्पित करें।
3. दिनभर निराहार रहें और शिव पंचाक्षर मंत्र (ॐ नमः शिवाय) का जाप करें।
4. शिव चालीसा और आरती का पाठ कर शिव जी से आशीर्वाद मांगें।