प्रदोष व्रत (शुक्ल) 2026
गुरुवार 1 जनवरी 2026
यह पावन पर्व दिनांक 01 January 2026 (गुरुवार) को मनाया जाएगा। हिन्दू पंचांग (विक्रम संवत 2082) के अनुसार, इस दिन पौष मास के शुक्ल की त्रयोदशी है।
पर्व का महत्व (About Festival)
यह पावन व्रत देवों के देव महादेव भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा प्राप्त करने के लिए किया जाता है। प्रदोष काल और शिवरात्रि की रात्रि भगवान शिव की पूजा के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। सच्चे मन से की गई शिव आराधना से जीवन के सभी कष्ट मिट जाते हैं।
पूजा विधि (Pooja Vidhi)
1. प्रातः स्नान कर शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद और शक्कर (पंचामृत) से अभिषेक करें।
2. भोलेनाथ को बेलपत्र, भांग, धतूरा, सफेद फूल और चंदन अर्पित करें।
3. दिनभर निराहार रहें और शिव पंचाक्षर मंत्र (ॐ नमः शिवाय) का जाप करें।
4. शिव चालीसा और आरती का पाठ कर शिव जी से आशीर्वाद मांगें।