प्रदोष व्रत (कृष्ण) 2025
सोमवार 27 जनवरी 2025
यह पावन पर्व दिनांक 27 January 2025 (सोमवार) को मनाया जाएगा। हिन्दू पंचांग (विक्रम संवत 2081) के अनुसार, इस दिन माघ मास के कृष्ण की त्रयोदशी है।
पर्व का महत्व (About Festival)
कृष्ण जन्माष्टमी भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की मध्यरात्रि को मथुरा में भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत और धर्म की स्थापना का संदेश देता है।
पूजा विधि (Pooja Vidhi)
1. जन्माष्टमी के दिन व्रत रखें और भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप (लड्डू गोपाल) की पूजा करें।
2. मध्यरात्रि 12 बजे पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल) से भगवान का अभिषेक करें।
3. उन्हें नए वस्त्र पहनाकर माखन-मिश्री और पंजिरी का भोग लगाएं।
4. आरती करें और अगले दिन व्रत का पारण करें।