पौष अमावस्या 2024

30 सोमवार दिसंबर 2024

पर्व का महत्व (About Festival)

अमावस्या तिथि मुख्य रूप से पितरों (पूर्वजों) की शांति और उनके आशीर्वाद प्राप्ति के लिए समर्पित है। इस दिन चन्द्रमा आकाश में दिखाई नहीं देता। पितृ तर्पण, श्राद्ध और कालसर्प दोष निवारण के लिए अमावस्या का दिन सर्वश्रेष्ठ माना गया है।

पौष अमावस्या

पूजा विधि (Pooja Vidhi)

1. प्रातः काल पवित्र नदी में स्नान कर सूर्य देव को जल अर्पित करें।
2. अपने पूर्वजों (पितरों) की शांति के लिए विधि-विधान से तर्पण और पिंडदान करें।
3. ब्राह्मणों या जरूरतमंदों को भोजन कराएं। पीपल के पेड़ की पूजा कर दीप दान करें।
4. इस दिन सात्विक आहार लें और किसी भी प्रकार के तामसिक भोजन से दूर रहें।