मार्गशीर्ष पूर्णिमा व्रत 2025

गुरुवार 4 दिसंबर 2025
यह पावन पर्व दिनांक 04 December 2025 (गुरुवार) को मनाया जाएगा। हिन्दू पंचांग (विक्रम संवत 2082) के अनुसार, इस दिन मार्गशीर्ष मास के शुक्ल की चतुर्दशी है।

पर्व का महत्व (About Festival)

पूर्णिमा का दिन हिन्दू धर्म में बहुत पवित्र और ऊर्जावान माना जाता है। इस दिन चन्द्रमा अपने पूर्ण आकार में होता है। यह पावन दिन श्री सत्यनारायण भगवान की पूजा, पवित्र नदियों में स्नान और दान-पुण्य के लिए विशेष महत्व रखता है।

मार्गशीर्ष पूर्णिमा व्रत

पूजा विधि (Pooja Vidhi)

1. प्रातः काल पवित्र नदी में स्नान करें या घर में नहाने के पानी में गंगाजल मिला लें।
2. घर में भगवान सत्यनारायण की कथा का श्रवण करें और कलश स्थापना करें।
3. अपनी सामर्थ्य के अनुसार ब्राह्मणों और गरीबों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करें।
4. रात्रि में चन्द्रदेव को अर्घ्य देकर उनके दर्शन करें।