Falgun Amavasya 2026 City-Wise Muhurat Tracker: मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु और कोलकाता का सटीक समय

फाल्गुन अमावस्या 2026 पर पितरों की शांति और स्नान-दान का विशेष महत्व है। जानें दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु में पूजा का सटीक स्थानीय समय और पितृ दोष से मुक्ति के अचूक उपाय।
Falgun Amavasya 2026 City-Wise Muhurat Tracker and Puja Vidhi
हिंदू धर्म में फाल्गुन मास की अमावस्या का विशेष महत्व है। इसे न केवल पितरों की शांति के लिए उत्तम माना जाता है, बल्कि आध्यात्मिक शुद्धि के लिए भी यह दिन अत्यंत फलदायी है। वर्ष 2026 में फाल्गुन अमावस्या पर ग्रहों का अद्भुत संयोग बन रहा है। अक्सर लोग दिल्ली के समय (IST) के अनुसार पूजा-पाठ करते हैं, लेकिन स्थानीय सूर्योदय और तिथि के प्रभाव के कारण अलग-अलग शहरों में मुहूर्त में कुछ मिनटों का अंतर होता है।

फाल्गुन अमावस्या 2026 का धार्मिक महत्व

फाल्गुन अमावस्या को ‘पितृ कार्य’ के लिए सबसे महत्वपूर्ण तिथियों में से एक माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किया गया दान और तर्पण सात पीढ़ियों तक के पितरों को तृप्ति प्रदान करता है। यदि आपकी कुंडली में पितृ दोष है, तो Magh Purnima 2026 Puja Vidhi के समापन के बाद आने वाली यह अमावस्या आपके कष्टों को दूर करने का सुनहरा अवसर है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति मिलती है। भारत के प्रमुख तीर्थ स्थलों जैसे प्रयागराज, हरिद्वार और काशी में इस दिन भारी भीड़ उमड़ती है।

फाल्गुन अमावस्या 2026 तिथि और समय

हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन अमावस्या की तिथि 17 फरवरी 2026 को शुरू होगी और 18 फरवरी 2026 को समाप्त होगी। चूँकि हिंदू धर्म में उदया तिथि का विशेष महत्व है, इसलिए स्नान-दान की अमावस्या 18 फरवरी को ही मनाई जाएगी। अमावस्या तिथि प्रारंभ: 17 फरवरी 2026, रात्रि 08:45 बजे से। अमावस्या तिथि समाप्त: 18 फरवरी 2026, रात्रि 10:20 बजे तक।

सिटी-वाइज मुहूर्त ट्रैकर (City-Wise Muhurat Tracker)

भारत के अलग-अलग भौगोलिक स्थानों पर स्थानीय पंचांग के अनुसार समय में भिन्नता होती है। नीचे प्रमुख शहरों के लिए स्नान और पितृ तर्पण का शुभ समय दिया गया है:
शहर का नाम स्नान का शुभ समय (सुबह) तर्पण/अभिजीत मुहूर्त
नई दिल्ली (Delhi) 05:24 AM – 06:45 AM 12:13 PM – 12:58 PM
मुंबई (Mumbai) 05:48 AM – 07:05 AM 12:31 PM – 01:17 PM
बेंगलुरु (Bangalore) 05:35 AM – 06:52 AM 12:20 PM – 01:06 PM
कोलकाता (Kolkata) 04:52 AM – 06:10 AM 11:30 AM – 12:15 PM
चेन्नई (Chennai) 05:25 AM – 06:42 AM 12:10 PM – 12:55 PM
हैदराबाद (Hyderabad) 05:29 AM – 06:46 AM 12:15 PM – 01:01 PM
अमावस्या के ठीक बाद आने वाली आमलकी एकादशी 2026 भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसकी तैयारी श्रद्धालु इसी समय से शुरू कर देते हैं।
फाल्गुन अमावस्या 2026 पितृ तर्पण और स्नान
फाल्गुन अमावस्या पर पवित्र नदियों में स्नान और तर्पण का दृश्य

फाल्गुन अमावस्या पर क्या करें और क्या न करें?

अमावस्या के दिन कुछ विशेष सावधानियां और कार्य शास्त्रों में बताए गए हैं। यदि आप पितृ दोष से मुक्ति चाहते हैं, तो इस दिन काले तिल से तर्पण अवश्य करें।
  • स्नान: सूर्योदय से पूर्व किसी पवित्र नदी या घर के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
  • दान: अमावस्या के दिन सफेद वस्तुओं जैसे दूध, दही, चावल या सफेद वस्त्र का दान करना लाभकारी होता है।
  • तर्पण: दक्षिण दिशा की ओर मुख करके पितरों को जल अर्पित करें।
  • न करें: इस दिन तामसिक भोजन (मांस, मदिरा) से पूरी तरह परहेज करें और किसी भी प्रकार के वाद-विवाद से बचें।
धर्म और ज्योतिष की अधिक जानकारी के लिए आप NDTV Khabar Religion या Times of India Panchang पर भी अपडेट देख सकते हैं।

पितृ दोष निवारण के विशेष उपाय

फाल्गुन अमावस्या के दिन पीपल के वृक्ष की पूजा का विशेष विधान है। सुबह स्नान के बाद पीपल की जड़ में जल अर्पित करें और सात परिक्रमा करें। शाम के समय पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना पितरों को प्रसन्न करता है। इसके अलावा, भगवान विष्णु की आराधना भी इस दिन फलदायी होती है। आप कुंभ संक्रांति 2026 के पुण्य काल की तरह ही इस दिन भी सूर्य देव को अर्घ्य देकर अपने जीवन में सुख-समृद्धि की कामना कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1. क्या फाल्गुन अमावस्या 2026 को व्रत रखना अनिवार्य है?

शास्त्रों के अनुसार, जो लोग मानसिक शांति और पितरों का आशीर्वाद चाहते हैं, उनके लिए व्रत रखना फलदायी है, लेकिन यह अनिवार्य नहीं है। आप केवल स्नान-दान करके भी पुण्य प्राप्त कर सकते हैं।

Q2. पितृ तर्पण के लिए सबसे अच्छा समय क्या है?

पितृ तर्पण के लिए दोपहर का समय (कुतुप काल) सबसे उत्तम माना जाता है। वर्ष 2026 में यह समय लगभग 11:45 AM से 12:45 PM के बीच रहेगा।

Q3. क्या इस दिन नए कपड़े या वाहन खरीदना शुभ है?

आमतौर पर अमावस्या को खरीदारी के लिए निषेध माना जाता है, क्योंकि यह तिथि पितरों को समर्पित है। किसी भी बड़े निवेश या खरीदारी के लिए अगले दिन का इंतजार करना बेहतर होता है। अधिक जानकारी के लिए आप Drik Panchang पर शुभ चौघड़िया देख सकते हैं।

Q4. फाल्गुन अमावस्या और सोमवती अमावस्या में क्या अंतर है?

जब अमावस्या सोमवार के दिन पड़ती है, तो उसे सोमवती अमावस्या कहते हैं। वर्ष 2026 की फाल्गुन अमावस्या बुधवार को है, इसलिए इसे केवल फाल्गुन अमावस्या ही कहा जाएगा।

निष्कर्ष

Falgun Amavasya 2026 न केवल श्रद्धा का दिन है बल्कि यह प्रकृति और अपने पूर्वजों के प्रति आभार व्यक्त करने का भी अवसर है। अपने शहर के सटीक मुहूर्त को ध्यान में रखकर की गई पूजा आपको मानसिक शांति और आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करेगी। याद रखें, श्रद्धा और विश्वास से किया गया एक छोटा सा दान भी बड़े संकटों को टाल सकता है।

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